Published on: 11 Oct 2026
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) में नैक (NAAC) मूल्यांकन की तैयारियों के अंतर्गत क्राइटेरिया-2 एवं क्राइटेरिया-7 की समीक्षा एवं तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के संबंधित प्रकोष्ठों द्वारा दोनों क्राइटेरिया के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेजों, सूचनाओं एवं निर्धारित मानकों की तैयारी के संबंध में विशेषज्ञ के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन प्रो. गुलशन तनेजा, पूर्व कुलसचिव, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक एवं आईक्यूएसी, आईजीयू के सलाहकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थापना शाखा के उप-कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार तथा परिणाम शाखा के सहायक कुलसचिव डॉ. नवीन नागपाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
क्राइटेरिया-2, जो मुख्य रूप से शिक्षण-अधिगम एवं मूल्यांकन से संबंधित है, की तैयारी के संबंध में इसके समन्वयक डॉ. अशोक कुमार तथा उनकी टीम के सदस्य डॉ. जागीर नगर एवं डॉ. सुनील ने विशेषज्ञ के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इसी प्रकार, क्राइटेरिया-7, जो संस्थागत मूल्यों एवं सर्वोत्तम प्रथाओं से संबंधित है, की तैयारी पर इसकी समन्वयक डॉ. रीना तथा उनकी टीम के सदस्य डॉ. मनजीत शर्मा एवं डॉ. हेमंत यादव ने चर्चा की।
बैठक में आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. विकास बत्रा, नैक के उप-समन्वयक डॉ. ईश्वर शर्मा तथा आईक्यूएसी के लिपिक सुश्री प्रियंका भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य नैक मूल्यांकन के निर्धारित मानकों के अनुरूप विश्वविद्यालय की तैयारियों को सुदृढ़ करना, संबंधित क्राइटेरिया के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेजों एवं सूचनाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देना था। विशेषज्ञ प्रो. गुलशन तनेजा ने संबंधित टीमों के साथ विचार-विमर्श करते हुए नैक मूल्यांकन की तैयारियों को व्यवस्थित, प्रमाण-आधारित एवं प्रभावी बनाने पर मार्गदर्शन प्रदान किया।